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Mahamrityunjaya

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

बोल

1

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

2

जय शिव ॐकारा, स्वामी जय शिव ॐकारा। महामृत्युंजय देवा, संकट हरने वाला।

3

त्रिनेत्र धारी शिव शंकरा, कैलाश पर्वत वासी। गंगा जटा में बहती, नन्दी है सेवा में।

4

डमरू बजाते शिव शंकरा, त्रिशूल है हाथ में। रुद्र रूप में भयंकरा, भक्तों के काम आते।

5

नीलकंठ महादेवा, विष पिया जग के हित। हलाहल का प्याला पीकर, जग को बचाया।

6

महामृत्युंजय मंत्र जो, भक्ति से करता जाप। उसके सारे कष्ट हरे, मृत्यु भय से पाए मुक्ति।

7

बम बम भोले, बम भोले बम। हर हर महादेव, शम्भो शंकर।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् – Aarti Lyrics & Meaning | SanatanDharam