आरती संग्रह

देवताओं की दिव्य आरतियाँ

गणेश, शिव, हनुमान, लक्ष्मी, दुर्गा और अन्य देवताओं की पवित्र आरतियाँ — पूर्ण बोल, अनुवाद और अर्थ के साथ।

गणेश आरती

3
आरती गजबदन विनायक कीAarti Gajabadana Vinayaka Ki

आरती गजबदन विनायक की

आरती गजबदन विनायक की

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गणपति की सेवा मंगल मेवाGanapati Ji Ki Seva Mangala

गणपति की सेवा मंगल मेवा

गणपति की सेवा मंगल मेवा

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जय गणेश जय गणेश देवाShri Ganesh Ji Aarti

जय गणेश जय गणेश देवा

जय गणेश जय गणेश देवा

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शिव आरती

7
भगवान कैलासवासी आरतीLord Kailasavasi

भगवान कैलासवासी आरती

शीश गंग अर्धन्ग पार्वतीसदा विराजत कैलासी। नन्दी भृन्गी नृत्य करत हैं,धरत ध्यान सुर सुखरासी॥

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जयति जयति जग-निवासLord Shankara

जयति जयति जग-निवास

जयति जयति जग-निवास,शंकर सुखकारी॥

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भगवान गङ्गाधर आरतीOm Jai Gangadhara

भगवान गङ्गाधर आरती

ॐ जय गङ्गाधर जय हर जय गिरिजाधीशा। त्वं मां पालय नित्यं कृपया जगदीशा॥

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श्री पार्वती माता की आरतीParvati Mata

श्री पार्वती माता की आरती

जय पार्वती माताजय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता॥

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ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जयShiva

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय

ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा॥

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श्री बटुक भैरव आरतीShri Batuka Bhairava

श्री बटुक भैरव आरती

जय भैरव देवा प्रभुजय भैरव देवा, सुर नर मुनि सबकरते प्रभु तुम्हरी सेवा॥

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श्री भैरव आरतीShri Bhairava

श्री भैरव आरती

सुनो जी भैरव लाड़िले,कर जोड़ कर विनती करूँ। कृपा तुम्हारी चाहिए,मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ। मैं चरण छुता आपके,अर्जी मेरी सुन लीजिये॥

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विष्णु आरती

10
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी !Om Jai Jagdish Hare

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी !

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

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भगवान बदरीनाथ आरतीLord Badarinatha

भगवान बदरीनाथ आरती

जय जय श्री बदरीनाथजयति योग ध्यानी॥ निर्गुण सगुण स्वरूप,मेधवर्ण अति अनूप। सेवत चरण सुरभूप,ज्ञानी विज्ञानी॥

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श्री नृसिंह भगवान की आरतीLord Narasimha

श्री नृसिंह भगवान की आरती

ॐ जय नरसिंह हरे,प्रभु जय नरसिंह हरे। स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे,स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे॥

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आरती श्री नृसिंह भगवान जी कीNarsingh Kunwar

आरती श्री नृसिंह भगवान जी की

आरती कीजै नरसिंह कुँवर की।वेद विमल यश गाऊँ मेरे प्रभुजी॥ पहली आरती प्रह्लाद उबारे।हिरणाकुश नख उदर विदारे॥ दूसरी आरती वामन सेवा।बलि के द्वार पधारे हरि देवा॥

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श्री पुरुषोत्तम देव की आरतीShri Purushottama Deva Ki

श्री पुरुषोत्तम देव की आरती

जय पुरुषोत्तम देवा,स्वामी जय पुरुषोत्तम देवा। महिमा अमित तुम्हारी,सुर-मुनि करें सेवा॥

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आरती श्री सत्यनारायणजीShri Satyanarayanaji

आरती श्री सत्यनारायणजी

जय लक्ष्मीरमणा श्री जय लक्ष्मीरमणा। सत्यनारायण स्वामी जनपातक हरणा॥

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श्री बालाजी आरतीShri Balaji

श्री बालाजी आरती

ॐ जय हनुमत वीरास्वामी जय हनुमत वीरा।

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आरती श्री धन्वन्तरि जी कीShri Dhanvantari

आरती श्री धन्वन्तरि जी की

जय धन्वन्तरि देवा,जय धन्वन्तरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ितजन-जन सुख देवा॥

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श्री लक्ष्मीनारायण आरतीShri Lakshminarayana

श्री लक्ष्मीनारायण आरती

जय लक्ष्मी-विष्णो।जय लक्ष्मीनारायण, जय लक्ष्मी-विष्णो।जय माधव, जय श्रीपति,

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श्री परशुराम आरतीShri Parashurama

श्री परशुराम आरती

ॐ जय परशुधारी,स्वामी जय परशुधारी। सुर नर मुनिजन सेवत,श्रीपति अवतारी॥

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राम आरती

9
हे राजा राम तेरी आरती उतारूRam

हे राजा राम तेरी आरती उतारू

हे राजा राम तेरी आरती उतारू

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जानकी माता आरतीJanaki Mata

जानकी माता आरती

आरती कीजै श्रीजनक लली की। राममधुपमन कमल कली की॥

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पितु मातु सहायक स्वामी सखाPitu Matu Sahayaka Swami Sakha

पितु मातु सहायक स्वामी सखा

पितु मातु सहायक स्वामी सखा,तुम ही एक नाथ हमारे हो। जिनके कुछ और आधार नहीं,तिनके तुम ही रखवारे हो।

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श्री जानकीनाथ आरतीShri Janakinatha

श्री जानकीनाथ आरती

जय जानकीनाथा,जय श्रीरघुनाथा। दोउ कर जोरें बिनवौं,प्रभु! सुनिये बाता॥

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श्री रघुवर आरतीShri Raghuvara

श्री रघुवर आरती

आरती कीजै श्री रघुवर जी की,सत् चित् आनन्द शिव सुन्दर की।

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श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मनRam

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन,हरण भवभय दारुणम्।

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श्री राम रघुपति आरतीShri Rama Raghupati

श्री राम रघुपति आरती

बन्दौं रघुपति करुना निधान।

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श्री राम रघुवीर आरतीShri Rama Raghuvira

श्री राम रघुवीर आरती

ऐसी आरती राम रघुबीर की करहि मन। हरण दुखदुन्द गोविन्द आनन्दघन॥

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आरती श्री रामायण जी कीShri Ramayanji

आरती श्री रामायण जी की

आरती श्री रामायण जी की

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कृष्ण आरती

9
आरती श्रीकृष्ण कन्हैया कीAarti Shri Krishna Kanhaiya Ki

आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की

मथुरा कारागृह अवतारी,गोकुल जसुदा गोद विहारी।

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आरती युगलकिशोर की कीजैYugal Kishore

आरती युगलकिशोर की कीजै

आरती युगलकिशोर की कीजै

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श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँBanke Bihari

श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ

श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ।

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जय जय गिरिधारी प्रभुJai Jai Giridhari Prabhu

जय जय गिरिधारी प्रभु

जय जय गिरिधारी प्रभु,जय जय गिरिधारी। दानव-दल-बलहारी,गो-द्विज-हितकारी॥

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भगवान नटवर आरतीLord Natavara

भगवान नटवर आरती

नन्द-सुवन जसुमतिके लाला,गोधन गोपी प्रिय गोपाला।

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श्री गिरिराज आरतीShri Giriraja

श्री गिरिराज आरती

ॐ जय जय जय गिरिराज,स्वामी जय जय जय गिरिराज। संकट में तुम राखौ,निज भक्तन की लाज॥

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श्री गोवर्धन महाराज आरतीShri Govardhan Maharaja

श्री गोवर्धन महाराज आरती

श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ। तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,तोपे चढ़े दूध की धार। तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।

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आरती कुंजबिहारी कीShri Krishna

आरती कुंजबिहारी की

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

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श्री राधा माता जी की आरतीShri Radha Mata

श्री राधा माता जी की आरती

आरती श्री वृषभानुसुता की,मंजुल मूर्ति मोहन ममता की। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि,विमल विवेकविराग विकासिनि। पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि,सुन्दरतम छवि सुन्दरता की॥

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हनुमान आरती

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श्री महावीर आरतीMahavira Aarti

श्री महावीर आरती

जय महावीर प्रभो!,स्वामी जय महावीर प्रभो!। जगनायक सुखदायक,अति गम्भीर प्रभो॥

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मंगल मूरति जय जय हनुमन्ताMangal Murti

मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता

मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता

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जय हनुमन्त सन्त हितकारीShri Hanuman

जय हनुमन्त सन्त हितकारी

जय हनुमन्त सन्त हितकारी।सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज विलम्ब न कीजै।आतुर दौरि महा सुख दीजै॥

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आरती की जै हनुमान लला कीShri Hanuman

आरती की जै हनुमान लला की

आरती की जै हनुमान लला की

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श्री पवनसुत हनुमान आरतीShri Pavanasuta Hanuman Aarti

श्री पवनसुत हनुमान आरती

जयति मंगलागार, संसार, भारापहर, वानराकार विग्रह पुरारी।

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देवी आरती

18
आरती अहोई माता कीAhoi Mata

आरती अहोई माता की

जय अहोई माता,जय अहोई माता। तुमको निसदिन ध्यावतहर विष्णु विधाता॥

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आरती श्री अम्बा जी Ambe Mata

आरती श्री अम्बा जी

जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी॥

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एकादशी माता की आरतीEkadashi Mata

एकादशी माता की आरती

ॐ जय एकादशी, जय एकादशी,जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर,शक्ति मुक्ति पाता॥

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आरती श्री  गंगे माताGanga Mata

आरती श्री गंगे माता

ॐ जय गंगे माता,मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता,मनवांछित फल पाता॥

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श्री गौमाताजी की आरतीGau Mata

श्री गौमाताजी की आरती

आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्व धैय्या की। अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनी,अविचल अमल मुक्तिपद्दायिनी। सुर मानव सौभाग्या विधायिनी,प्यारी पूज्य नन्द छैय्या की॥

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श्री गायत्री माता आरतीGayatri Mata

श्री गायत्री माता आरती

आरती श्री गायत्रीजी की। ज्ञानदीप और श्रद्धा की बाती। सो भक्ति ही पूर्ति करै जहं घी की॥

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जय जय भगीरथनन्दिनिJaya Bhagirathanandini

जय जय भगीरथनन्दिनि

जय जय भगीरथनन्दिनि,मुनि-चय चकोर-चन्दिनि, नर-नाग-बिबुध-बन्दिनि,जय जह्नुबालिका।

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आरती श्री लक्ष्मी जीLakshmi Mata

आरती श्री लक्ष्मी जी

ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥

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आरती ललिता माता कीLalita Mata

आरती ललिता माता की

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी। राजेश्वरी जय नमो नमः॥

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आरती श्री सन्तोषी माँSantoshi Mata

आरती श्री सन्तोषी माँ

जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन को,सुख सम्पत्ति दाता॥

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आरती श्री सरस्वती जीSaraswati Mata

आरती श्री सरस्वती जी

जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥

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श्री शीतला माता आरतीShitala Mata

श्री शीतला माता आरती

जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानीसब फल की दाता॥

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श्री अन्नपूर्णा माता जी की आरतीShri Annapurna Mata

श्री अन्नपूर्णा माता जी की आरती

बारम्बार प्रणाम, मैया बारम्बार प्रणाम। जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके,कहां उसे विश्राम। अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारे,लेते होत सब काम॥

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श्री बगलामुखी माता जी की आरती Shri Bagalamukhi Mata

श्री बगलामुखी माता जी की आरती

जय जय श्री बगलामुखी माता,आरति करहुँ तुम्हारी। पीत वसन तन पर तव सोहै,कुण्डल की छबि न्यारी॥ कर-कमलों में मुद्गर धारै,अस्तुति करहिं सकल नर-नारी॥

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श्री महाकाली माता जी की आरतीShri Mahakali Mata

श्री महाकाली माता जी की आरती

'मंगल' की सेवा, सुन मेरी देवाहाथ जोड़, तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी, ध्वजा, नारियल,ले ज्वाला तेरी भेंट धरे॥

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श्री नर्मदा माता जी की आरतीShri Narmada Mata

श्री नर्मदा माता जी की आरती

ॐ जय जगदानन्दी,मैया जय आनंद कन्दी। ब्रह्मा हरिहर शंकर रेवा,शिव हरि शंकर रुद्री पालन्ती॥

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श्री शाकम्भरी माता जी की आरतीShri Shakambhari Mata

श्री शाकम्भरी माता जी की आरती

हरि ॐ श्री शाकम्भर अम्बा जी कीआरती कीजो। ऐसो अद्भुत रूप हृदय धर लीजो,शताक्षी दयालु की आरती कीजो। तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ,सब घट तुम आप बखानी माँ।

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श्री शारदा माता जी की आरतीShri Sharada Mata

श्री शारदा माता जी की आरती

भुवन विराजी शारदामहिमा अपरम्पार। भक्तों के कल्याण कोधरो मात अवतार॥

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नवदुर्गा आरती

9
शैलपुत्री माँ बैल असवारShailaputri

शैलपुत्री माँ बैल असवार

शैलपुत्री माँ बैल असवार।करें देवता जय जयकार॥ शिव-शंकर की प्रिय भवानी।तेरी महिमा किसी ने न जानी॥

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आरती देवी ब्रह्मचारिणी जी की Brahmacharini

आरती देवी ब्रह्मचारिणी जी की

जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता।जय चतुरानन प्रिय सुख दाता॥ ब्रह्मा जी के मन भाती हो।ज्ञान सभी को सिखलाती हो॥

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चन्द्रघण्टा माँ जो वीरChandraghanta

चन्द्रघण्टा माँ जो वीर

जय माँ चन्द्रघण्टा सुख धाम।पूर्ण कीजो मेरे काम॥ चन्द्र समाज तू शीतल दाती।चन्द्र तेज किरणों में समाती॥

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आरती देवी कूष्माण्डा जी कीKushmanda

आरती देवी कूष्माण्डा जी की

कूष्माण्डा जय जग सुखदानी।मुझ पर दया करो महारानी॥ पिङ्गला ज्वालामुखी निराली।शाकम्बरी माँ भोली भाली॥

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स्कन्दमाता की महिमा न्यारीSkandamata

स्कन्दमाता की महिमा न्यारी

जय तेरी हो स्कन्द माता।पाँचवाँ नाम तुम्हारा आता॥ सबके मन की जानन हारी।जग जननी सबकी महतारी॥

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कात्यायनी माँ भवानीKatyayani

कात्यायनी माँ भवानी

जय जय अम्बे जय कात्यायनी।जय जग माता जग की महारानी॥ बैजनाथ स्थान तुम्हारा।वहाँ वरदाती नाम पुकारा॥

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आरती देवी कालरात्रि जी कीKaalratri

आरती देवी कालरात्रि जी की

कालरात्रि जय जय महाकाली।काल के मुँह से बचाने वाली॥ दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।महाचण्डी तेरा अवतारा॥

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आरती देवी महागौरी जी कीMahagauri

आरती देवी महागौरी जी की

जय महागौरी जगत की माया।जय उमा भवानी जय महामाया॥ हरिद्वार कनखल के पासा।महागौरी तेरा वहा निवास॥

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सिद्धिदात्री माँ करुणामयीSiddhidatri

सिद्धिदात्री माँ करुणामयी

जय सिद्धिदात्री माँ तू सिद्धि की दाता।तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता॥ तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि॥

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नवग्रह एवं देवता आरती

6
श्री चित्रगुप्त जी की आरतीShri Chitragupta

श्री चित्रगुप्त जी की आरती

ॐ जय चित्रगुप्त हरे,स्वामी जय चित्रगुप्त हरे। भक्त जनों के इच्छित,फल को पूर्ण करे॥

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श्री कुबेर जी आरतीShri Kubera Ji

श्री कुबेर जी आरती

ॐ जै यक्ष कुबेर हरे,स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के,भण्डार कुबेर भरे॥

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आरती श्री बृहस्पति देवा जीBrihaspati Deva

आरती श्री बृहस्पति देवा जी

ऊँ जय बृहस्पति देवा,जय बृहस्पति देवा। छिन छिन भोग लगाऊँ,कदली फल मेवा॥

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पितरजी महाराज आरतीPitaraji Maharaja

पितरजी महाराज आरती

जय जय पितरजी महाराज,मैं शरण पड़यो हूँ थारी। शरण पड़यो हूँ थारी बाबा,शरण पड़यो हूँ थारी॥ आप ही रक्षक आप ही दाता,आप ही खेवनहारे।

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आरती प्रेतराज की कीजैPretaraja

आरती प्रेतराज की कीजै

दीन दुखिन के तुम रखवाले,संकट जग के काटन हारे। बालाजी के सेवक जोधा,मन से नमन इन्हें कर लीजै।

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जय जय श्री शनिदेवShanidev

जय जय श्री शनिदेव

जय जय श्री शनिदेवभक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभुछाया महतारी॥

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संत आरती

4
 गोरख आरतीGorakha

गोरख आरती

जय गोरख देवाजय गोरख देवा। कर कृपा मम ऊपरनित्य करूं सेवा॥

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श्री खाटू श्यामजी की आरतीKhatu Shyamaji

श्री खाटू श्यामजी की आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत,अनुपम रूप धरे॥

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श्री साईं बाबा आरती Sai Baba

श्री साईं बाबा आरती

आरती श्री साईं गुरुवर की,परमानन्द सदा सुरवर की। जा की कृपा विपुल सुखकारी,दुःख शोक, संकट, भयहारी॥

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आरती श्री रविदास जी कीShri Ravidasa Ji

आरती श्री रविदास जी की

नामु तेरो आरती भजनु मुरारे,हरि के नाम बिनु झूठे सगल पसारे। नाम तेरा आसनो नाम तेरा उरसा,नामु तेरा केसरो ले छिटकारो।

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अन्य आरती

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श्री भद्रकाली माता की आरतीMaa Bhadrakali

श्री भद्रकाली माता की आरती

ॐ जय भद्रकाली माता, मैया जय भद्रकाली माता। मंगल करणी देवी, सुख संपत्ति दाता॥

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श्री चामुंडा देवी की आरतीMaa Chamunda Devi

श्री चामुंडा देवी की आरती

ॐ जय चामुंडे माता, मैया जय चामुंडे माता। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करन्ती॥

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श्री धूमावती देवी की आरतीMaa Dhumavati

श्री धूमावती देवी की आरती

ॐ जय धूमावती माता, मैया जय धूमावती माता। सप्तम महाविद्या तुम, संकट दुख हर्त्री॥

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श्री कमला देवी की आरतीMaa Kamala Devi

श्री कमला देवी की आरती

ॐ जय कमला माता, मैया जय कमला माता। दसवीं महाविद्या तुम, जग सुख की दाता॥

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श्री मनसा देवी की आरतीMaa Manasa Devi

श्री मनसा देवी की आरती

ॐ जय मनसा माता, मैया जय मनसा माता। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करन्ती॥

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श्री मातंगी देवी की आरतीMaa Matangi

श्री मातंगी देवी की आरती

ॐ जय मातंगी माता, मैया जय मातंगी माता। नौवीं महाविद्या तुम, जग सुख की दाता॥

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श्री षष्ठी माता की आरतीMaa Shashthi Devi

श्री षष्ठी माता की आरती

ॐ जय षष्ठी माता, मैया जय षष्ठी माता। बालकों की रक्षक, जग की सुखदाता॥

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श्री तारा माता की आरतीMaa Tara Devi

श्री तारा माता की आरती

ॐ जय तारा मैया, जय आनंद दानी। भक्त जनों की संकट, हरणी कल्याणी॥

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नवग्रह आरतीNavagraha

नवग्रह आरती

ॐ जय नवग्रह देवा, प्रभु जय नवग्रह देवा। सब ग्रहों के स्वामी, मेटहु भव भेवा॥

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श्री अग्नि देव जी की आरतीShri Agni Dev

श्री अग्नि देव जी की आरती

ॐ जय अग्नि देवा, स्वामी जय अग्नि देवा। सकल जगत के पावक, तुम हो सुखदेवा॥

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श्री भूमि देवी की आरतीShri Bhumi Devi

श्री भूमि देवी की आरती

ॐ जय भूमि माता, मैया जय भूमि माता। सकल जगत की धात्री, सब जग सुखदाता॥

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श्री भुवनेश्वरी देवी की आरतीShri Bhuvaneshwari Devi

श्री भुवनेश्वरी देवी की आरती

ॐ जय भुवनेश्वरी माता, मैया जय भुवनेश्वरी माता। त्रिभुवन स्वामिनी देवी, जग सुख की दाता॥

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श्री छिन्नमस्ता देवी की आरतीShri Chinnamasta Devi

श्री छिन्नमस्ता देवी की आरती

ॐ जय छिन्नमस्ते माता, मैया जय छिन्नमस्ते माता। प्रचण्ड चण्डिका देवी, जग सुख की दाता॥

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श्री गोदावरी माता की आरतीShri Godavari Mata

श्री गोदावरी माता की आरती

ॐ जय गोदावरी माता, मैया जय गोदावरी माता। त्रिंबक क्षेत्र उद्गम, पावन सुखदाता॥

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श्री हिंगलाज माता की आरतीShri Hinglaj Mata

श्री हिंगलाज माता की आरती

ॐ जय हिंगलाज भवानी, मैया जय हिंगलाज भवानी। हिंगोल तट पर राजत, त्रिभुवन सुखदानी॥

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श्री इन्द्र देव जी की आरतीShri Indra Dev

श्री इन्द्र देव जी की आरती

ॐ जय इन्द्र देवा, स्वामी जय इन्द्र देवा। सुरपति देवधिपति, देव लोक दाता॥

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श्री जगन्नाथ जी की आरतीShri Jagannath Ji

श्री जगन्नाथ जी की आरती

ॐ जय जगन्नाथ स्वामी, जय जगन्नाथ स्वामी। प्रभु जय जगन्नाथ स्वामी। जय बलभद्र सुभद्रा, शिरोमणि स्वामी॥

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श्री कामाख्या देवी की आरतीShri Kamakhya Devi

श्री कामाख्या देवी की आरती

ॐ जय कामाख्या देवी, मैया जय कामाख्या देवी। नीलाचल पर राजत, त्रिभुवन सुखदाता॥

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श्री कावेरी माता की आरतीShri Kaveri Mata

श्री कावेरी माता की आरती

ॐ जय कावेरी माता, मैया जय कावेरी माता। सह्याद्रि-सुते देवी, पावन सुखदाता॥

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श्री रेणुका माता की आरतीShri Renuka Mata

श्री रेणुका माता की आरती

ॐ जय रेणुका माता, मैया जय रेणुका माता। जमदग्नि की गेहिनी, जग सुख की दाता॥

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