देवताओं की दिव्य आरतियाँ
गणेश, शिव, हनुमान, लक्ष्मी, दुर्गा और अन्य देवताओं की पवित्र आरतियाँ — पूर्ण बोल, अनुवाद और अर्थ के साथ।
जय गणेश जय गणेश देवा
मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता
जय हनुमन्त सन्त हितकारी
आरती की जै हनुमान लला की
आरती युगलकिशोर की कीजै
श्री बाँकेबिहारी तेरी आरती गाऊँ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
हे राजा राम तेरी आरती उतारू
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन,हरण भवभय दारुणम्।
आरती श्री रामायण जी की
हर हर हर महादेव
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी !
ॐ जय नरसिंह हरे
जय पुरुषोत्तम देवा
जय लक्ष्मीरमणा श्री जय लक्ष्मीरमणा
ॐ जय विष्णु भगवान, हरि
ॐ जय चित्रगुप्त हरे
ऊँ जय बृहस्पति देवा
जय जय श्री शनिदेव
ॐ जय सूर्य भगवान - जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन
जय अहोई माता, जय अहोई माता
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
अम्बे तू है जगदम्बे काली
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता
आरती श्री गैय्या मैंय्या की
आरती श्री गायत्रीजी की
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय
श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी
जय सन्तोषी माता, मैया जय
जय सरस्वती माता, मैया जय
जय शीतला माता, मैया जय
जय जय तुलसी माता
जय वैष्णवी माता, मैया जय
ॐ जय सांईं बाबा, जय जय सांईं बाबा
शैलपुत्री माँ बैल असवार
दुर्गे ब्रह्मचारिणी माता
चन्द्रघण्टा माँ जो वीर
कूष्माण्डा माता जगत् जननी
स्कन्दमाता की महिमा न्यारी
कात्यायनी माँ भवानी
कालरात्रि माँ शुभंकरी
महागौरी माँ अष्टमी
सिद्धिदात्री माँ करुणामयी
आरती गजबदन विनायक की
गणपति की सेवा मंगल मेवा
ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे
नन्द-सुवन जसुमतिके लाला,गोधन गोपी प्रिय गोपाला।
ॐ जय हनुमत वीरास्वामी जय हनुमत वीरा।
जयति मंगलागार, संसार, भारापहर, वानराकार विग्रह पुरारी।