वापस आरती सूची
Mahagauri

महागौरी माँ अष्टमी

महागौरी माँ अष्टमी

बोल

1

जय महागौरी जगत की माया। जय उमा भवानी जय महामाया॥ हरिद्वार कनखल के पासा। महागौरी तेरा वहा निवास॥ चन्द्रकली और ममता अम्बे। जय शक्ति जय जय माँ जगदम्बे॥ भीमा देवी विमला माता। कौशिक देवी जग विख्यता॥ हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा। महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥ सती (सत) हवन कुंड में था जलाया। उसी धुएं ने रूप काली बनाया॥ बना धर्म सिंह जो सवारी में आया। तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥ तभी माँ ने महागौरी नाम पाया। शरण आनेवाले का संकट मिटाया॥ शनिवार को तेरी पूजा जो करता। माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥ भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो। महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो॥

2

महागौरी माता की आरती महागौरी माँ अष्टमी। श्वेत वर्ण की परम सुंदरी ॥ चार भुजाओं में त्रिशूल डमरू। कमल और वरमुद्रा से भरपूर ॥ वृषभ वाहन पर विराजे। सभी पापों का नाश कर साजे ॥ गौर वर्ण की अपूर्व छटा। भक्तों पर कृपा की वर्षा बता ॥ आठवें दिन की देवी माता। सभी मनोकामनाओं की पूर्ति दाता ॥ महागौरी माँ अष्टमी। श्वेत वर्ण की परम सुंदरी ॥

महागौरी माँ अष्टमी – Aarti Lyrics & Meaning | SanatanDharam