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|| श्री तारा माता की आरती ||
ॐ जय तारा मैया, जय आनंद दानी।
भक्त जनों की संकट, हरणी कल्याणी॥
ॐ जय तारा मैया...
उग्रतारा तुम कहलाओ, संकट से तारो।
नील वर्ण सुशोभित माँ, दुख दूर निवारो॥
ॐ जय तारा मैया...
द्वितीया महाविद्या तुम, शक्ति परम धाम।
मुक्ति दानी जगन्माता, पूरण करो काम॥
ॐ जय तारा मैया...
खरग खप्पर धारी माँ, भय नाशिनी देवी।
शिरोमाण पीठ विराजे, सुर-मुनि-जन सेवी॥
ॐ जय तारा मैया...
भक्ति भाव जो लावे, शरण तिहारी आए।
रोग शोक भव बाधा, क्षण में कट जाए॥
ॐ जय तारा मैया...
ऋद्धि-सिद्धि नव निधि की, दाता तुम माता।
दया करो जगदम्बे, जग की सुखदाता॥
ॐ जय तारा मैया...
जो जन आरती गावे, मन निष्काम लावे।
कहैं शिवानन्द स्वामी, परम पद पावे॥
ॐ जय तारा मैया, जय आनंद दानी...

