पंचांग क्या है और दैनिक जीवन में इसका महत्व
हिंदू पंचांग पाँच अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — पर आधारित पारंपरिक पंचांग कैलेंडर है। यह दैनिक पूजा, व्रत, त्योहार और शुभ मुहूर्त तय करने में सहायक है। विक्रम संवत और शुक्ल/कृष्ण पक्ष के साथ यह ग्रेगोरियन तिथि को सनातन कालचक्र से जोड़ता है।
सनातन धर्म के इस मुफ़्त ऑनलाइन पंचांग में आप आज का पंचांग, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय-सूर्यास्त तथा चंद्रोदय-चंद्रस्त देख सकते हैं। उज्जैन को शास्त्रीय संदर्भ मानकर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि शहरों के स्थानीय समय भी उपलब्ध हैं।
तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त
तिथि चंद्रमा की कला पर आधारित होती है; नक्षत्र चंद्र की नक्षत्र स्थिति बताता है। शुभ कार्य के लिए अभिजीत, ब्रह्म और विजय जैसे मुहूर्त उपयोगी माने जाते हैं, जबकि राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में नए कार्य आरंभ करना सामान्यतः वर्जित माना जाता है।
