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|| श्री अग्नि देव जी की आरती ||
ॐ जय अग्नि देवा, स्वामी जय अग्नि देवा।
सकल जगत के पावक, तुम हो सुखदेवा॥
ॐ जय अग्नि देवा...
पावक अनल हुताशन, नाम तुम्हारे प्यारे।
हवि वहन कर देवन, संकट टारे॥
ॐ जय अग्नि देवा...
सप्त जिह्वा राजत, रूप अति न्यारा।
यज्ञ पुरुष तुम पावन, पावन जग सारा॥
ॐ जय अग्नि देवा...
अज्ञान तम नाशक, तेज प्रकाश रूप।
भक्तन के हितकारी, हे परम अनूप॥
ॐ जय अग्नि देवा...
स्वाहा स्वाधा संग, शोभा अति भारी।
यज्ञ भाग पहुँछावत, सब देवन हारी॥
ॐ जय अग्नि देवा...
जो जन आरती गावे, भक्ति मन लावे।
कहैं शिवानन्द स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय अग्नि देवा, स्वामी जय अग्नि देवा...

