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|| श्री हिंगलाज माता की आरती ||
ॐ जय हिंगलाज भवानी, मैया जय हिंगलाज भवानी।
हिंगोल तट पर राजत, त्रिभुवन सुखदानी॥
ॐ जय हिंगलाज भवानी...
सती शीश पीठ विराजे, महिमा अति भारी।
सुर-नर-मुनि-जन धावें, दर्शन हितकारी॥
ॐ जय हिंगलाज भवानी...
गुफा बीच माँ राजत, जोत जगे अमुला।
भक्त जनों के संकट, काटो माँ सूला॥
ॐ जय हिंगलाज भवानी...
कोटारी जगदम्बा, सब दुख दूर करन्ती।
भय नाशिनी भयहारिणी, जन-जन सुख भरन्ती॥
ॐ जय हिंगलाज भवानी...
ऋद्धि-सिद्धि नव निधि की, दाता तुम माता।
शरण तिहारी आए, देहु अभय दाता॥
ॐ जय हिंगलाज भवानी...
जो जन आरती गावे, भक्ति भाव लावे।
कहैं शिवानन्द स्वामी, मनवांछित फल पावे॥
ॐ जय हिंगलाज भवानी...

